बोर्ड सदस्यों के प्रशिक्षण की नीति
HPL में हम दृढ़ता से मानते हैं कि निरंतर सीखना विकास एवं उन्नति के लिए आवश्यक है। कंपनी में सभी स्तरों पर प्रशिक्षण को अत्यधिक महत्व दिया जाता है। संगठनात्मक संरचना में सर्वोच्च स्तर पर स्थित निदेशक मंडल को भी उपयुक्त प्रशिक्षण अवसरों की आवश्यकता होती है ताकि वे अपनी भूमिका को बेहतर रूप से समझ सकें और अपने दायित्वों का अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। इसे प्राप्त करने हेतु, डीपीई दिशानिर्देशों के खंड 3.7 के अंतर्गत नए बोर्ड सदस्यों के प्रशिक्षण का प्रावधान किया गया है।
उद्देश्य
यह नीति ढांचा बोर्ड के सभी निदेशकों अर्थात् कार्यात्मक निदेशक, सरकारी नामांकित निदेशक एवं स्वतंत्र निदेशकों पर लागू होता है।
बोर्ड सदस्य होना सूचित रहना, योजना एवं नीति निर्माण में भाग लेना, सुदृढ़ वित्तीय स्थिति सुनिश्चित करना तथा संगठन के प्रबंधन एवं शासन की निगरानी और मूल्यांकन करना शामिल करता है। यह नीति यह सुनिश्चित करने के लिए एक ढांचा प्रदान करती है कि बोर्ड के नए सदस्यों को कंपनी से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं इनपुट उपलब्ध कराए जाएँ, ताकि वे कंपनी एवं विभिन्न हितधारकों के समग्र हित में अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।
प्रक्रिया
- बोर्ड में नए सदस्यों की नियुक्ति के तुरंत बाद, CMD की ओर से उनका स्वागत करते हुए एक औपचारिक संचार भेजा जाएगा।
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बोर्ड मैनुअल की एक प्रति भी प्रदान की जाएगी, जो संगठन के प्रारंभिक परिचय के साथ-साथ बोर्ड के नए सदस्यों के लिए निरंतर संदर्भ सामग्री के रूप में कार्य करेगी। बोर्ड मैनुअल में निम्नलिखित शामिल होंगे:
- कंपनी का प्रोफाइल;
- वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए कंपनी का मिशन, विज़न एवं एमओयू;
- कंपनी के व्यवसाय के प्रमुख घटक;
- वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान व्यवसाय का प्रदर्शन;
- कंपनी का ज्ञापन एवं उपनियम तथा बोर्ड के संचालन से संबंधित प्रावधान;
- बोर्ड की संरचना;
- कंपनी के सभी निदेशकों का संक्षिप्त परिचय एवं संपर्क विवरण;
- अन्य निदेशकों एवं उनकी समिति सदस्यता का विवरण;
- बोर्ड समितियाँ;
- बोर्ड की कार्यप्रणाली (जैसे बैठक से पूर्व दस्तावेजों का वितरण, बैठक स्थल, कार्यवृत्त का प्रसारण);
- बोर्ड बैठकों की आवृत्ति एवं निर्धारित बैठकें, यदि कोई हों;
- प्रमुख अधिकारी (बोर्ड के अतिरिक्त)।
निरंतर प्रशिक्षण के एक उपाय के रूप में, निदेशकों को वित्त, व्यवसाय विकास, मानव संसाधन, तकनीकी एवं कंपनी द्वारा प्रस्तावित नई पहलों सहित सभी व्यावसायिक विषयों पर प्रस्तुतीकरण एवं लिखित सामग्री के माध्यम से अद्यतन किया जाएगा। ऐसी बैठकें उनकी सुविधा के अनुसार आयोजित की जा सकती हैं।
इसके अतिरिक्त, निदेशकों को समय-समय पर कॉर्पोरेट गवर्नेंस एवं अन्य प्रासंगिक कार्यक्रमों के लिए बाहरी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नामांकित किया जाएगा, जो भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों अथवा पेशेवर निकायों द्वारा आयोजित किए जाते हैं। इससे निदेशकों को विभिन्न पहलुओं पर अद्यतन रहने में सहायता मिलेगी और कंपनी के निदेशक के रूप में उनके कार्य निष्पादन में सुधार होगा। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए निदेशकों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी। व्यय के अनुकूलन हेतु कार्यक्रम का स्थान प्राथमिक रूप से नई दिल्ली अथवा निदेशक के निवास स्थान के निकट रखा जा सकता है।